नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कैपिटल इनफ्लो को बढ़ावा देने के लिए तैयारी कर रहा है. दरअसल, आरबीआई जल्द ही इंडिविजुअल फॉरेन इन्वेस्टर्स के लिए निवेश सीमा दोगुना करके 10 फीसदी करने वाला है. दो सीनियर सरकारी अधिकारियों और रायटर्स की ओर से रिन्यू किए गए डॉक्यूमेंट्स के आधार पर यह जानकारी सामने आई है.
फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) कमजोर अर्निंग्स, हाई वैल्यूएशन और अमेरिकी टैरिफ के संभावित असर से दबाव में हैं. उन्होंने बेंचमार्क एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) में सितंबर के रिकॉर्ड हाई के बाद से भारतीय शेयरों से 28 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी की है.
अब तक केवल प्रवासी भारतीयों तक ही सीमित
अधिकारियों ने कहा कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत उन सभी विदेशी निवेशकों के लिए लाभों का विस्तार कर रहा है जो अब तक केवल ओवरसीज (प्रवासी) भारतीयों तक ही सीमित थे. साथ ही लागू निवेश सीमाओं को भी बढ़ा रहा है. आरबीआई ने बीते हफ्ते सरकार को एक पत्र में कहा, “ऐसा महसूस होता है कि इन प्रस्तावों को जल्द से जल्द लागू किया जा सकता है.” लेटर में एक्सटर्नल सेक्टर के हाल के घटनाक्रमों के बीच कैपिटल इनफ्लो में रुकावट की ओर इशारा किया गया है.